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इंजीनियर कैसे बने? इंजीनियर बनने के लिए क्या करें?इंजीनियर बनने के लिए कितनी लागत लगती है?इंजीनियर बनने के बाद आप कितना कमा सकते है?

इंजीनियर के बारे मे सम्पूर्ण जानकारी:

ज्यादातर बच्चे बड़े होकर इंजीनियरिंग करके इंजीनियर बनना चाहते है। अगर आपका भी यही सवाल है, की इंजीनियर कैसे बने और इंजीनियर बनने के लिए कौन सा कोर्स करना होगा, तो आपको इस लेख में सभी महत्वपूर्ण जानकारी मिलेंगी। दुनिया में बहुत से ऐसे अभ्यर्थी होते हैं, जिनका इंजीनियर बनने का सपना होता है | इंजीनियर उस व्यक्ति को कहा जाता है, जो अपने प्रोफाइल सम्बन्धित आविष्कार करता है, उसका डिजाइन  या मशीन टेस्ट करता है अलग-अलग प्रयोग करके कुछ नया बनाने का काम करता है। आपको इसकी तैयारी कक्षा 10 से ही शुरू करनी होगी. दसवीं क्लास से ही भौतिकी, रसायनशास्त्र और गणित विषयों के मूल सिद्धांतों को अच्छे से समझें और अन्य विषयों के मुकाबले इन विषयों पर अधिक ध्यान दें। इसके अलावा आप अपनी पसंद और नापंद के बारे में सोचें और फिर अपनी शौक के हिसाब से इंजीनियरिंग की कौन भी एक शाखा चुने और फैसला करें। इंजीनियर कैसे बने का फैसला एक दिन या एक महीने में करने की जरूरत नहीं है। दसवीं से सोचना जारी रखें और इंटर (12वी) करने तक इसका जवाब आपको जरूर मिल जाएगा।

सबसे पहले यह जान लेना जरुरी है की इंजीनियरिंग है क्या ?

इंजीनियरिंग और इंजीनियर का मतलब क्या होता है। इंजीनियरिंग एक प्रकार का Course होता है, जो छात्र 12वीं के बाद करते है। 12वीं के बाद छात्र बी.टेक में स्नातक स्तर की पढ़ाई मान्यता प्राप्त कॉलेज से कर सकते है जो इंजीनियर बनने की शुरुआत मानी जाती है। किसी भी छात्र के पास कम से कम 3 साल की डिग्री या फिर डिप्लोमा होना चाहिए। 3 साल की पढ़ाई के बाद छात्र कों जिस विषय में सबसे ज्यादा रुचि है उसमें छात्र स्नातकोत्तर (पोस्ट ग्रजुएशन) कर सकता है। स्नातकोत्तर (पोस्ट ग्रेजुएट) होने के बाद आप “इंजीनियर” कहलाए जाएंगे और अगर आपकी रूचि किसी एक क्षेत्र में खोज यानी कि रिसर्च और डेवलपमेंट करने में है उसको अपनी फिल्ड में पी.एच.डी करनी होगी। अब हम आपको बताएंगे की इंजीनियरिंग के प्रकार कितने होते है। एक इंजीनियर जो कार्य करता है उसे इंजीनियरिंग कहते हैं। आप इंजीनियरिंग की किसी भी ब्रांच में जाना चाहे, आपको साइंस और मैथ की काफी अधिक जानकारी होनी चाहे, आपको साइंस और मैथ की काफी अधिक जानकारी होनी चाहिए। एक इंजीनियर अपने काम से लाखों रुपए कमाता है।

इंजीनियर बनने के लिए कुछ महत्वपूर्ण विषय पर शुरू से ही जरूर ध्यान दें:

इंजीनियरिंग की तैयारी के लिए आपको 10वीं और 12वीं कक्षाओं में रसायन विज्ञान, भौतिकी, और गणित के विषयों को शुरू से ही अच्छी तरह से समझना चाहिए। क्योकिं पूरी इंजीनियरिंग इन विषयों पर आधारित है। अगर आप PCM में अच्छे अंक है, तो आपको किसी भी अच्छे Collage में आसानी से दिखिला मिल जाता है।

इंजीनियरिंग कितने प्रकार की होती है?

इंजीनियरिंग कई प्रकार की होती है। अगर आप इंजीनियर बनना चाहते है तो आपको इंजीनियरिंग के सभी प्रकार के बारे में पता होना चाहिए ताकि आप उस सब्जेक्ट में इंजीनियरिंग कर सके जिसमे आप इंटरेस्ट हो जिसमे आप मेहनत करें और वो मेहनत सफल हो जाए। तो आइये हम आपको इंजीनियरिंग के प्रकार(टिप्स) बताते है। 

मैकेनिकल इंजीनियरिंग, सिविल इंजीनियरिंग, ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग, पैकेजिंग टेक्नोलॉजी, इलेक्ट्रिकल ऐंड इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स ऐंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग, अप्लाइड इलेक्ट्रॉनिक्स ऐंड इंस्ट्रूमेंटेशन, कम्प्यूटर इंजीनियरिंग, इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी,माइनिंग इंजीनियरिंग, मेटलॉर्जिकल इंजीनियरिंग, टेक्सटाइल टेक्नोलॉजी, केमिकल इंजीनियरिंग, केमिकल इंजीनियरिंग इन प्लास्टिक ऐंड पॉलिमर्स, पेट्रोकेमिकल्स इंजीनियरिंग, एयरक्राफ्ट मेंटिनेंस इंजीनियरिंग, ऑफिस मैनेजमेंट ऐंड कम्प्यूटर ऐप्लिकेशन, कम्प्यूटर साइंस जैसे कोर्से  करने   होते हैं, पॉलिटेक्निक इंस्टीट्यूट सर्टिफिकेट कोर्स भी ऑफर करते हैं | पॉलिटेक्निक इंस्टीट्यूट्स से आप फैशन डिजाइन, टेक्सटाइल डिजाइन, इंजीनियरिंग,महासागर इंजीनियरिंग(ओशियन इंजीनियरिंग), खेल टेक्नोलोजी इंजीनियरिंग,कृषि इंजीनियरिंग, ध्वनि अभियन्ता इंजीनियरिंग, ऊर्जा इंजीनियरिंग, फोटोनिक्स इंजीनियरिंग, हाइड्रोलिक इंजीनियरिंग, जनन विज्ञान अभियांत्रिकी इंजीनियरिंग।

इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग:

इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग करने का सबसे बड़ी वजह यह है की इस फिल्ड में सबसे ज्यादा स्कोप है। जैसे जैसे नई टेक्नोलोजी आती जा रही है उसी तरह  इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की अहमियत दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। हर छोटी से छोटी और बड़ी से बड़ी जगह में इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के लोग जरुर मिलते हैं। घर से लेकर कोई भी बड़ी कम्पनी तक, नासा से लेकर चांद तक हर जगह इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग काम आती है। तो हम यह कह सकते है की अगर किसी ने इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की है तो उसके पास बहुत से ऑप्शन मौजूद होंगे।इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग मे आपको बिजली से संबंधित शिक्षा प्राप्त करनी होगी। और इलेक्ट्रिकल इंजीनियर बनने के बाद आप किसी भी बिजली विभाग मे  जॉब के लिए अप्लाय कर सकते है। इसमें मुख्यता बिजली उत्पादन, मोटर वाहन, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और प्रणालियों, दूरसंचार और इससे जुड़ी चीजों को सिखाया पढ़ाया जाता है।

मैकेनिकल इंजीनियरिंग:

मैकेनिकल इंजीनियरिंग में जिन लोगों को मशीन के विषय में जानने की रूचि होती है वे लोग मैकेनिकल इंजीनियरिंग करते हैं। इस क्षेत्र में आपको पूरी तरह से मशीन के बारे में हर छोटी और बड़ी चीजों के बारे और टूल्स के बारे मे जानकारी दी जाती है। मैकेनिकल इंजीनियरिंग में मशीनों का अध्ययन किया जाता है।मैकेनिकल इंजीनियरिंग में मशीनों और उसके parts को डिजाइन करने के बारे में पढ़ाया जाता है। हर साल बड़ी-बड़ी कंपनियां जैसे – L&T, Tata Motors, SAIL, Siemens, BARC, BPCL बेहतरीन mechanical engineers को अपने यहां नौकरी पर रखती हैं। यह सब्जेक्ट भी करियर के लिए एक बेहतर विकल्प है।

कंप्यूटर इंजीनियर:

कंप्यूटर इंजीनियर करने के लिए आपकी अंग्रेजी बहुत अच्छी होनी चाहिये। इसके लिए आपको 12वीं के बाद Computer Science में डिग्री करनी चाहिए। एक कंप्यूटर इंजीनियर वह होता है जो हार्डवेयर सहित लैपटॉप और कंप्यूटर को डिज़ाइन और डेवलॅप करता है।

सॉफ्टवेयर इंजीनियर:

सॉफ्टवेयर इंजीनियर नए-नए तरह के सॉफ्टवेयर और ऐप का निर्माण करके लोगों की जरूरतों को पूरा करने का काम करता है। सॉफ्टवेयर  इंजीनियरिंग मे बहुत बड़ा स्कोप है। सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग मे अर्निंग भी बहुत अच्छी है। सॉफ्टवेयर इंजीनियर के लिए कंप्यूटर कॉलेज जैसे कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग, बीसीए और बैचलर ऑफ इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी से बैचलर ऑफ कंप्यूटर की डिग्री लें, जो 4 साल का होता है।

सिविल इंजीनियरिंग:

सिविल इंजीनियरिंग में मुख्यता construction of infrastructure के बारे मे सिखाते हैं। इसके अलावा structures के design, planning और maintenance के बारे में भी सिखाते हैं।

पेट्रोलियम इंजीनियरिंग:

पेट्रोलियम इंजीनियरिंग मे ड्रिलिंग और भूवैज्ञानिक डेटा विश्लेषण (जियोलोजिकल डाटा एनालिसिस) में ट्रेन किया जाता है। पेट्रोलियम इंजीनियर का सबसे महत्तवपूर्ण काम जमीन में से पेट्रोल निकाल कर उसको टेंक में सुरक्षित डालने का होता है। इसी तरह के काम की ट्रेनिंग दी जाती है। अगर किसी को कुछ अलग करना है तो पेट्रोलियम इंजीनियरिंग एक बेहतर ऑप्शन है।

महासागर इंजीनियरिंग (ओशियन इंजीनियरिंग):

ओशियन इंजीनियरिंग या महासागर इंजीनियरिंग इसमें आपको शिप(पानी का जहाज) से रिलेटेड  इंजीनियरिंग के सब्जेक्ट के बारे मे पढ़ाया जाता है। यह ओपशन उन लोगो के लिए बहुत अच्छा है जिन्हे शिप और समुन्द्र का जीवन अच्छा लगता है।

एथिकल हैकिंग:

एथिकल हैकिंग इंजीनियरिंग के कोर्स में से एक कोर्स है। इसमें लोगों को कंप्यूटर हैंक करना सिखाते है जो पूरी तरह से नैतिक होता है। जो लोग एथिकल इंजीनियरिंग करते है वो लोग अपनी ही कंपनी का डाटा हैक करते है और उसमें सुधार करते है ताकि कोई और उनकी कंपनी का डाटा हैक न कर पाए। तो जिन लोगों को हैंकिग कानूनी तौर पर करनी है वो लोग एथिकल हैकिंग में इंजीनियरिंग कर सकते है। 

खेल टेक्नोलोजी इंजीनियरिंग:

जिन लोगो को स्पोर्ट्स मे इंटरेस्ट है और वह किसी कारन स्पोर्ट्स मे अपना करिअर नहीं बना पाए वह लोग स्पोर्ट्स के अंदर ही  खेल टेक्नोलोजी इंजीनियरिंग मे अपना  करिअर बना सकते है। उनके लिए खेल टेक्नोलोजी में इंजीनियरिंग करना सबसे बेस्ट ओपशन है। इसमें आप लोगों को हर खेल में इस्तेमाल होने वाले खेल के उपकरणों का डिजाइन तथा उनको बनाने को तरीका भी सिखाया जाएगा।

सरकारी इंजीनियर बनने के लिए क्या करें:

सरकारी इंजीनियर बनने के लिए किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से इंजीनियरिंग की डिग्री पास करें। कई इंजीनियरिंग पाठ्यक्रम शाखाएं हैं; आप अपनी रुचि के अनुसार किसी भी विभाग से डिग्री प्राप्त कर सकते हैं। अधिकांश सरकारी नौकरियां सिविल, इलेक्ट्रिकल, कंप्यूटर इंजीनियरों के लिए उपलब्ध हैं।

बैचलर इंजीनियरिंग कोर्स के लिए कितने प्रेसेंट चाहिए?

न्यूनतम योग्यता 10+2 आवश्यक/पॉलिटेक्निक डिप्लोमा कम से कम अंक आवश्यक: 50% से 70% (एक कॉलेज से दूसरे कॉलेज में भिन्न हो सकता है)

After 10th standard:

इंजीनियरिंग में डिप्लोमा करने के लिए आपका पहला स्टेप है, भारत सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त बोर्ड से कक्षा दसवीं की परीक्षा पास करना। अगर आप 10वीं के बाद पॉलिटेक्निक की पढ़ाई करते हैं तो आपको इसमें 3 साल लगेंगे। जबकि अगर आप 12वीं के बाद पॉलिटेक्निक की पढ़ाई करते हैं तो इसमें मात्र 2 साल ही लगेंगे।

12वीं के बाद इंजीनियरिंग कोर्स:

  1. B.E/B.Tech in Computer Science Engineering
  2. B.E/B.Tech in Mechanical Engineering
  3. B.E/B.Tech in Electronics and Communication Engineering
  4. B.E/B.Tech in Electrical Engineering
  5. B.E/B.Tech in Electrical and Electronics Engineering
  6. B.E/B.Tech in Civil Engineering
  7. B.E/B.Tech in Chemical Engineering
  8. B.E/B.Tech in Information Technology
  9. B.E/B.Tech in Instrumentation and Control Engineering
  10. B.E/B.Tech in Electronics Engineering
  11. B.E/B.Tech in Electronics and Telecommunication Engineering
  12. B.E/B.Tech in Petroleum Engineering
  13. B.E/B.Tech in Aeronautical Engineering
  14. B.E/B.Tech in Aerospace Engineering
  15. B.E/B.Tech in Automobile Engineering
  16. B.E/B.Tech in Mining Engineering
  17. B.E/B.Tech in Power Engineering
  18. B.E/B.Tech in Production Engineering
  19. B.E/B.Tech in Biotechnology Engineering
  20. B.E/B.Tech in Genetic Engineering
  21. B.E/B.Tech in Plastics Engineering
  22. B.E/B.Tech in Food Processing and Technology
  23. B.E/B.Tech in Agricultural Engineering
  24. B.E/B.Tech in Environmental Engineering
  25. B.E/B.Tech in Dairy Technology and Engineering
  26. B.E/B.Tech in Agricultural Information Technology
  27. B.E/B.Tech in Infrastructure Engineering
  28. B.E/B.Tech in Motorsport Engineering
  29. B.E/B.Tech in Metallurgy Engineering
  30. B.E/B.Tech in Textile Engineering
  31. B.E/B.Tech in Marine Engineering
  32. B.E/B.Tech in Naval Architecture
  33. B.E/B.Tech in Geoinformatics
  34. B.E/B.Tech in Petrochemical Engineering
  35. B.E/B.Tech in Polymer Engineering
  36. B.E/B.Tech in Geotechnical Engineering
  37. B.E /B.Tech in Nuclear Engineering

भारत में टॉप पॉलिटेक्निक कॉलेज:

  1. बाबा साहेब अम्बेडकर पॉलिटेक्निक (BSAP), दिल्ली
  2. साउथ दिल्ली पॉलिटेक्निक फॉर विमेन, दिल्ली
  3. गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक (जीपी), मुंबई
  4. वी0 पी0 एम0 पॉलिटेक्निक, ठाणे
  5. कलिंग पॉलिटेक्निक भुवनेश्वर (KIITP), भुवनेश्वर
  6. एस0 एच0 जोंधले पॉलिटेक्निक (SHJP), ठाणे
  7. विवेकानंद एजुकेशन सोसायटी की पॉलिटेक्निक (वीईएस पॉलिटेक्निक), मुंबई
  8. गवर्नमेंट विमेन पॉलिटेक्निक कॉलेज (GWPC), भोपाल
  9. सरकारी महिला पॉलिटेक्निक (GWP), पटना
  10. आनंद मार्ग पॉलिटेक्निक, कोलार

Entrance Exams List FOR B.Tech:

  1. JEE Main 
  2. KCET
  3. MHT CET
  4. TS EAMCET
  5. AP EAMCET
  6. KEAM
  7. Goa CET
  8. WBJEE
  9. VSAT
  10. BITSAT
  11. KLEEE
  12. UPSEE
  13. KIITEE

डिप्लोमा इंजीनियरिंग कोर्स:

इस कोर्स की अवधि 3 साल की होती है, जिसमें आपके पास साइंस और मैथ विषय होना अनिवार्य है।

  1. Diploma in Information Science(सूचना विज्ञान में डिप्लोमा)
  2. Diploma in Automobile Engineering (ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा)
  3. Diploma in Computer Science (कंप्यूटर साइंस में डिडिप्लोमा)
  4. Diploma in Civil Engineering (सिविल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा)
  5. Diploma in Electrical Engineering (इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा)
  6. Diploma in Electronic Instrumentation and Control Engineering (इलेक्ट्रॉनिक इंस्ट्रूमेंटेशन और कंट्रोल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा)

बैचलर इंजीनियरिंग कोर्स:

12वीं में सफलता के बाद ही आप यह कोर्स करने के लिए सक्षम हो सकते हैं और आप का विषय साइंस होना चाहिए। यह कोर्स करने के बाद निम्न इंजीनियरिंग के क्षेत्र में इंजीनियर बन सकते हैं।

  1. Automobile engineering ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग
  2. Biotechnology engineering (जैव प्रौद्योगिकी  इंजीनियरिंग)
  3. Civil Engineering (असैनिक अभियंत्रण)
  4. mechanical Engineering (मैकेनिकल इंजीनियरिंग)
  5. Aerospace engineering (अंतरिक्ष इंजीनियरिंग)
  6. chemical Engineering (रासायनिक अभियांत्रिकी)
  7. computer Engineering (कंप्यूटर इंजीनियरिंग)
  8. Industrial engineering (औद्योगिक इंजीनियरिंग)
  9. Information Technology Engineering (सूचना प्रौद्योगिकी इंजीनियरिंग)
  10. Metallurgical engineering (मेटलर्जिकल इंजीनियरिंग)

Conclusion:

हमें उम्मीद है कि हमारी यह पोस्ट आपकी जानकारी के मुताबिक होगी। अगर आपको हमारा यह लेख पसंद आया हो तो प्लीज हमें कमेंट बॉक्स में कमेंट करके जरूर बताएं और हमारे इस पोस्ट को शेयर करें अपने फ्रेंड्स के साथ, ताकि हमें प्रोत्साहन मिले और हम आपके लिए टैलेंट से संबंधित और लेख बना पाए। 
धन्यवाद लेख को पूरा पढ़ने के लिए हमें उम्मीद है कि हमारा यह लेख आपके जरूर काम आएगा।

D.T 

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