आईपीएस (IPS) ऑफिसर कैसे बने?/12वीं के बाद आईपीएस ऑफिसर कैसे बनें?
हमने इस लेख में IPS क्या होता है, IPS बनने की योग्यता, age, height, selection process, salary और IPS बनने की तैयारी कैसे करें? यह सब विस्तार से समझाया है।
आईपीएस (IPS) ऑफिसर एक अधिकारी रैंक की पोस्ट होती है,जिसका काम देश की आंतरिक सुरक्षा करना होता है। IPS बनने वाले सभी अभ्यर्थियों को सिविल सर्विस एग्जाम उत्तीर्ण करना होता है। इस पद के लिए प्रत्येक वर्ष आवेदन जारी किये जाते है, जिसमें बड़ी तादाद में अभ्यर्थी आवेदन करते है | वहीं, प्रत्येक वर्ष UPSC (Union Public service Commission) इस परीक्षा का आयोजन करती है। इसलिए यदि आप भी IPS Officer बनना चाहते हैं तो आप सही पोर्टल पर आए है।
IPS क्या होता है?
वर्ष 1948 में आईपीएस (IPS) ऑफिसर के पद की स्थापना की गयी थी। आईपीएस कैडर गृह मंत्रालय के अधीन होता है क्योंकि, गृह मंत्रालय द्वारा ही इसका पूरा नियंत्रण किया जाता है।
यह ग्रुप ‘अ’ स्तर का अधिकारी होता है जिस पर जिले या उसके क्षेत्र की कानून व्यवस्था संभालने की जिम्मेदारी होती है | यह उस क्षेत्र का पुलिस बल का मुखिया होता है और पूरा पुलिस प्रशासन उसके आधीन कार्य करता है। आईपीएस एक कठिन और जुझारू सेवा है जिसमे कर्तव्य और निष्ठा के साथ कार्य करने के लिए शपथ ली जाती है। जिले में SP या ACP की तैनाती आईपीएस रैंक के अधिकारी के स्तर पर होती है मतलब आईपीएस क्वालिफाइड ही इन पदों पर नियुक्त किये जाते है। कुछ पीसीएस पदों कोटे के आधार पर भी प्रमोशन के द्वारा यह पद दिए जाते है।
आईपीएस (IPS) ‘Indian Police Service’ और हिंदी में ‘भारतीय पुलिस सेवा’ होता है। IPS को Indian Police Service भी बोला जाता है। भारतीय सरकार के अनुसार यह एक प्रतिष्ठित पद है, जिसपर विराजमान होने वाला व्यक्ति एक जिला में मौजूद सभी पुलिस अधिकारियों का मुख्य अध्यक्ष होता है। पुलिस को देश के आंतरिक शक्ति के रूप में देखा जाता है और आईपीएस उनका मुखिया होता है। मगर आपको बता दें, कि आईपीएस कुछ पदों की कैटेगरी को बोलते है इस कैटेगरी में अलग-अलग पुलिस पद आते है। जैसे कि SP, DSP, DIG, IG, ACP, एक IPS officer के रूप में आप अपनी योग्यता अनुसार इनमें से किसी भी पद पर विराजमान हो सकते हैं।
- कानून और व्यवस्था को बनाए रखने के लिए आईपीएस अधिकारी जिम्मेदार होता हैं।
- दुर्घटनाओं से बचाने और लोगों को सुरक्षित रखने का कार्य आईपीएस अधिकारी करता हैं।
- कुख्यात अपराधियों को पकड़ने का कार्य।
- अपराध को रोकने और आवश्यक नियम कानून को बनाने का कार्य।
- यातायात से जुड़े हुए कार्यों को करने के लिए जिम्मेवार।
- किसी भी सरकारी एजेंसी जैसे कि सीबीआई, आईबी और कुछ इसी प्रकार के अन्य सरकारी एजेंसियों के साथ कार्य करने एवं उनकी सहायता करने में भी आईपीएस अधिकारी अपना पूरा सहयोग प्रदान करता हैं।
- IPS बनने की मिनिमम योग्यता ग्रेजुएशन है।
- किसी भी स्ट्रीम से ग्रेजुएशन किए उम्मीदवार आईपीएस के लिए एग्जाम दे सकते हैं।
- ग्रेजुएशन में मिनिमम मार्क्स का कोई नियम नहीं है।
- यानि 35% नंबर लाने पर भी आप आईपीएस बनने की तैयारी कर सकते हैं।
- IPS बनने के लिए UPSC CSE यानि यूपीएससी सिविल सर्विस एग्जाम देना होता है। हमने इसकी detail में जानकारी आगे दी है।
- इसमें आपको एक ऑप्शनल सब्जेक्ट चुनना होता है।
- यह आपके ग्रेजुएशन से अलग भी कोई सब्जेक्ट हो सकता है। जैसे लोक प्रशासन, इतिहास।
- एक आईपीएस को निडर और तेज दिमाग वाला होना चाहिए।
- सिविल सर्विस एग्जाम की आईपीएस परीक्षा में आवेदन करने के लिए आवेदक का किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक (Graduation) होना चाहिए। पर जो स्टूडेंट्स अंतिम वर्ष के रिजल्ट का इंतज़ार कर रहे है वे भी इस परीक्षा में आवेदन करने के पात्र है।
- 12 वी कक्षा को पास करे।
- ग्रेजुएशन को पूरा करे।
- IPS बनने के लिए उम्र सीमा 21-32 वर्ष होती है।
- ओ.बी.सी. (OBC) को 3 वर्ष और एससी/एसटी को 5 वर्ष की छूट दी जाती है।
- यह भी ध्यान रखिए कि सामान्य वर्ग के उम्मीदवार 6 बार यह एग्जाम दे सकते हैं।
- ओ.बी.सी. (OBC) 9 बार और एससी/एसटी वर्ग से तब तक एक्जाम देते रह सकते हैं जब तक अधिकतम उम्र नहीं पार हो जाती।
- प्रारंभिक परीक्षा (pre या prelims)
- मुख्य परीक्षा (mains)
- साक्षात्कार (interview)
- इसमें MCQ यानि बहु विकल्प वाले प्रश्न होते हैं।
- इसमें 200-200 नंबर के दो पेपर होते हैं।
- एक सामान्य अध्ययन (general studies) और दूसरा सिविल सेवा योग्यता का।
- यह 2-2 घंटे में पूरे करने होते हैं। इसमें माइनस मार्किंग होती है।
- ये descriptive टाइप की होती है। यानि इसमें निबंध शैली में उत्तर लिखने होते हैं।
- इसमें कुल नौ पेपर होते हैं जिसमें दो पेपर लैंग्वेज के होते हैं।
- एक अंग्रेजी और दूसरा भारतीय भाषा का होता है। इनमें 300-300 नंबर होते हैं।
- इसके अलावा 250-250 नंबर के 7 पेपर होते हैं।
- चार पेपर general study, दो आपके हुए ऑप्शनल सब्जेक्ट और एक निबंध का पेपर होता है। इनके लिए तीन-तीन घंटे का समय दिया जाता है।
- इंटरव्यू में कुछ विशेषज्ञों का एक पैनल होता है। यह उम्मीदवार से कई तरह के प्रश्न करके उसकी पर्सनालिटी की अच्छी तरह जांच करते हैं।
- ताकि यह पता चल सके कि वह इतनी बड़ी जिम्मेदारी निभाने योग्य है या नहीं। साक्षात्कार 275 नंबर का होता है।
- आईएएस एग्जाम के सिलेबस में सामान्य ज्ञान, वर्तमान घटनाक्रम, सिविल सेवा योग्यता, ऑप्शनल सब्जेक्ट (हिन्दी साहित्य, कैमिस्ट्री, साइकोलॉजी, लॉ जैसे विषय जो ग्रेजुएशन में पढ़े जाते हैं),
- भारतीय भाषा (गुजराती, तमिल, कन्नड़) और अंग्रेजी जैसे विषयों के पेपर होते हैं। ये सब टॉपिक आपको बहुत डीटेल में पढ़ने होते हैं।
- सबसे पहले UPSC exam का फार्म भरा जाता है।
- इसके बाद pre exam दिया जाता है।
- जो लोग यह क्लीयर कर लेते हैं वे दूसरा चरण यानि लिखित परीक्षा में बैठते हैं।
- इसे पास करके उम्मीदवार इंटरव्यू में शामिल होते हैं।
- इसके बाद एक मेडिकल टेस्ट लिया जाता है। इसमें ब्लड, यूरिन, बीपी, आंखों का चेकअप, वजन, चेस्ट एक्स रे जैसी जांच शामिल हैं।
- Pre exam के पेपर 1, लिखित परीक्षा के सात पेपर (लैंग्वेज को छोड़कर) और इंटरव्यू के नंबर मिलाकर मेरिट लिस्ट बनाई जाती है।
- इसके अलावा बाकी पेपर में पासिंग मार्क्स लाना जरूरी है। वरना आप वह चरण क्लीयर नहीं कर पाएंगे।
- मेरिट लिस्ट और उम्मीदवार की चॉइस के आधार पर उसे जॉब दी जाती है।
- सलेक्शन होने के बाद उम्मीदवारों की ट्रेनिंग होती है।
- इसमें भारतीय कानून, प्रशासनिक नियम कायदे, अपराध विज्ञान, हथियार चलाना, जनता से कैसा व्यवहार करना चाहिए और फिजिकल मजबूती बढ़ाने की ट्रेनिंग जैसी चीजें शामिल हैं।
- ट्रेनिंग पूरी करने के बाद जॉइनिंग मिलती है।
- एक IPS officer ki salary 56,100 रुपए से शुरु होती है।
- जैसे-जैसे आप सीनियर पोस्ट पर पंहुचते हैं, सैलरी बढ़ती जाती है।
- उदाहरण के लिए आई जी (Inspector General) की सैलरी 145,000 और डीजीपी (Director General of Police) की सैलरी 225,000 के आसपास होती है।
- इसके अलावा टीए, डीए, आवास, चिकित्सा, गाड़ी, बिजली, टेलीफोन, कुक, ड्राइवर, माली जैसी बहुत सारी सुविधाएं भी मिलती हैं।
- रिटायर होने पर पेंशन या ड्यूटी के दौरान जान का नुकसान होने पर परिवार के एक सदस्य को नौकरी दी जाती है।
- इन सबसे ऊपर इस बात की संतुष्टि होती है कि आप देश और जनता की भलाई के लिए काम कर रहे हैं।
- सबसे पहले ग्रेजुएशन पूरा करें
- IPS बनने के लिए ग्रेजुएशन जरूरी है। आप फाइनल इयर में भी यूपीएससी एग्जाम दे सकते हैं।
- लेकिन जॉइनिंग से पहले ग्रेजुएशन पूरी होनी जरूरी है।
- यूपीएससी की तैयारी शुरु करें
- अब जब आपने IPS ऑफिसर बनने का तय कर लिया है तो जी जान से तैयारी में जुट जाएं।
- इसके लिए बहुत से कोचिंग सेंटर हैं। जहां आप एडमिशन ले सकते हैं। बहुत से स्टूडेंट्स सेल्फ स्टडी भी करते हैं।
- कोचिंग का फायदा यह है कि आप systematic तरीके से (सही तकनीक से) पढ़ाई कर पाते हैं। आप और बाकी स्टूडेंट्स मिलकर ग्रुप स्टडी भी कर सकते हैं।
- इंटरनेट और मैगजीन की मदद से पढ़ाई करें
- आज की तारीख में इंटरनेट पर हर जानकारी मिल जाती है। आप अच्छे ब्लॉग पढ़ें। वीडियो देखें।
- अखबार और मैगजीन से समसामयिक घटनाओं को समझें।
- मॉक टेस्ट और पिछले प्रश्नपत्र हल करें
- इनसे आपको दो फायदे होते हैं। एक तो अपनी तैयारी का सही अंदाजा लग जाता है। दूसरे आप
- तय समय में पेपर लिखने का अभ्यास कर लेते हैं।
- ग्रुप स्टडी करें।
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